एक सुरक्षा गार्ड को काम नहीं था तो उन्होंने 7.5 करोड़ की पेंटिंग पर आंखें बना दी?

रूस में एक आर्ट गैलरी के सुरक्षा गार्ड ने सोवियत के बहुत पुराने जमाने के पेंटिंग पर इसीलिए आंखें बना दी क्योंकि उन्हें और कुछ काम नहीं था. यह उनके जॉब का पहला दिन था जब वह काम पर गए थे. नया जॉब ज्वाइन करके वे सुरक्षा गार्ड के तौर पर अप्वॉइंट किए गए थे और आर्ट गैलरी मैं अपनी शिफ्ट पूरा करने गए थे.

दिसंबर के महीने में येकातेरिनबर्ग में येल्तसिन केंद्र के दौरान दो विजिटर वहां पहुंचे थे जिन्होंने एना लेपोर्स्काया के काम थ्री की पेंटिंग में बॉलपॉइंट पेन में खींची हुई आँखें देखीं.

A Russian art gallery guard has been accused of doodling on a Soviet-era painting he was responsible for guarding on his first day in the job.

avant-garde painting में 3 abstract है जिनमें कोई आंख नहीं थी. सुरक्षा गार्ड ने इन्हीं बिना आंख वाले कलाकृतियों पर आंखें बना दी वह भी सिर्फ एक बॉल पॉइंट पेन की मदद से, जिसकी वजह से उन्हें जॉब से निकाल दिया गया है और पुलिस ने उनके खिलाफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन भी बैठाई है.

येल्तसिन सेंटर के कार्यकारी निदेशक अलेक्जेंडर ड्रोज़्डोव ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा गार्ड एक निजी सुरक्षा संगठन द्वारा नियुक्त किया गया था.

आर्ट गैलरी के क्यूरेटर अन्ना रेशेतकिना ने एक रिपोर्ट के अनुसार बताया कि यह सुरक्षा गार्ड अपने जॉब पर पहले ही दिन आया था और इसी दिन इसने पेंटिंग के साथ छेड़छाड़ की.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ऐसा करने का मकसद क्या था यह बिल्कुल अभी पता नहीं है और यह एक बहुत बड़ी चूक है. इसके अलावा भी बात सामने आई है कि एक ब्रांडेड पेन के साथ छेड़खानी की गई है जिसके द्वारा पेंटिंग पर आकर खींची गई है और इसके दौरान पेंट की एक परत भी कट चुकी है.

खुश खुश खुश किस्मत ही यह है कि गार्ड ने ज्यादा जोर देकर लाइन नहीं खींची अन्यथा पेंटिंग पूरी तरह से बर्बाद हो भी सकती थी. लेकिन यह बात सामने आई है कि पेंटिंग में और पेंट की गई है.

पेंटिंग के साथ में नुकसान की खबर 1 दिसंबर को पुलिस को मिली थी लेकिन आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने शुरू में अपराध जांच शुरू करने को नहीं बोला था महत्व नहीं दिया गया था.

संस्कृति मंत्रालय द्वारा यह निर्णय लिया गया कि इसकी जांच की जाएगी और दोषी पाया जाएगा उस पर जुर्माना और जेल भी भेजा जा सकता है.

इस पेंटिंग को मॉस्को में स्टेट ट्रीटीकोव गैलरी में वापस कर दिया गया था. पेंटिंग को करने में 250,000 रूबल (£ 2,468; $ 3,345) खर्च होने का अनुमान है.

येल्तसिन सेंटर की प्रदर्शनी में थोड़ी और कर दी गई है और कई प्रकार के नए सुरक्षा उपकरण भी इंस्टॉल किए गए ताकि अगली बार से इस तरह की ना हो सके.

लेपोर्स्काया प्रसिद्ध कलाकार काज़िमिर मालेविच का छात्र था, जिसने 1920 के दशक में कला की दुनिया में तूफान ला देने वाला एक अवांट-गार्डे आंदोलन विकसित किया था.

लेपोर्स्काया इमारतों और प्रदर्शनियों के साथ-साथ पेंटिंग को डिजाइन करने के लिए प्रसिद्ध हो गया, और आज के समय में उनके द्वारा बनाई गई कलाकृतियां पूरे रूस में जगह जगह पर उपलब्ध है.येल्तसिन केंद्र का नाम रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के नाम पर रखा गया था, उनके सत्ता काल का समय 1991 से 1999 तक का था,

सोवियत संघ के विघटन के बाद उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसी दौरान उन्हें का आर्थिक और राजनीतिक संकटों का सामना भी करना पड़ा. जब तक वह सत्ता में रहे और जब उन्होंने छोड़ा उस वक्त उनकी गिर गई थी और उसी के नाम पर बने संग्रहालय को विभाजित कर दिया गया.

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