Free Ration Scheme: फ्री राशन के नियमों में हुआ बड़ा फेरबदल

आज के हमारे इस लेख में राशन कार्ड योजना से जुड़ी बातों पर विचार विमर्श करेंगे तथा जानेंगे की हाल ही में सरकार ने क्या नियमों में बदलाव किया है.

देश में जितने भी लोग गरीब है उनके लिए सरकार आर्थिक समर्थन और कल्याण के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम चला रहे हैं ताकि शहरों में बसे गरीबों के अलावा दूरदराज के गांवो को भी इसका लाभ हो सके.

उदाहरण के तौर पर गरीबी रेखा से नीचे वाले कार्ड धारकों को मुफ्त या सस्ता में राशन उपलब्ध कराया जाता है तथा किसानों को केरोसिन तेल पर सब्सिडरी मिलती है.

इसके अलावा गरीबों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्सव के अवसरों पर अलग-अलग कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जाते हैं.

यह बात तो हम सबको मालूम ही है की सरकार समय-समय पर राशन के नियमों में बदलाव करते रहती है.

यदि आप भी मुफ्त राशन वाली सुविधा का लाभ उठा रहे हैं तो अब जान ले इसमें बड़ा बदलाव किया गया है.

जिसका असर यूपी-दिल्ली समेत कई राज्यों के राशनकार्ड धारकों पर होने वाली है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई राज्यों में मुफ्त राशन स्कीम के तहत गेहूं नहीं दिया जाएगा, यानी कि अब आपको फ्री राशन स्कीम के तहत गेहूं मिलना थोड़ा मुश्किल है.

इस योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़े ताकि आप इसके तहत मिलने वाले लाभ के बारे में जान सके.

राशन कार्ड योजना

राशन कार्ड योजना हमारे देश में केंद्र सरकार के द्वारा शुरु की गई एक बहुत ही ज्यादा लाभकारी योजना है.

इस योजना के तहत आने वाले सभी लाभार्थियों को सरकार के द्वारा बाजार में उपस्थित मूल्य दरों की तुलना में बहुत ही ज्यादा कम मूल्य भाव में राशन हर महीने नियमित रूप से प्रदान किया जाता है.

आपको बता दें कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को ₹1 में 1 किलो चावल, ₹2 में 1 किलो गेहूं प्रदान किया जाता है. हालांकि कुछ राज्यों में गेहूं ना देने की बात की गई है.

राशन कार्ड योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति के पीछे 5 किलो तक का अनाज दिया जाता है. इसके साथ-साथ लाभार्थियों को चीनी नमक केरोसिन तेल इत्यादि भी प्रदान किए जाते हैं.

आप सब जानते हैं कि महंगाई के चलते लोगों का हालत खराब है और ऐसे में जो चीनी ₹40 प्रति किलो मिलती है अगर उसे सरकार आधे दाम में गरीबों को दें तो वह कितनी राहत की बात है.

अब आप राशन की दुकान से मात्र 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी खरीद सकते हैं. जी हां, आपने सही सुना आप सिर्फ और सिर्फ ₹20 में चीनी राशन दुकानों से खरीद सकते हैं.

इसका फायदा अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलेगा. राशन की दुकानों से आप गेहूं, चावल, दाल और चीनी समेत कई सामान ले सकते हैं. हालांकि कुछ राज्यों में गेहूं का वितरण नहीं किया जाएगा.

क्या बदलाव किए गए हैं?

यह बात तो देश के हर एक नागरिक को मालूम ही है कि केंद्र सरकार की तरफ से हमेशा गेहूं एवं चावल दोनों ही वितरण की गई है लेकिन हाल ही में गेहूं की कमी होने के कारण इसकी वितरण रोक दी गई है.

इसी के कारण बहुत सारे राज्यों में राशनकार्ड धारकों को गेहूं पहले की तुलना में कम दिया जाएगा या नहीं भी दिया जा रहा है. जितने भी राशनकार्ड धारक है उन्हें गेहूं के चावल का वितरण किया जाएगा.

गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में गेहूं और चावल दिया जाता है, लेकिन इस समय देश में गेहूं की कमी होने की वजह से कई राज्य सरकारों की तरफ से यह फैसला लिया गया है.

किस राज्य के लाभार्थियों को नहीं मिलेगा गेहूं?

कुछ राज्यों में राशन कार्ड धारकों को गेहूं की आपूर्ति नहीं की जाएगी तथा कुछ राज्यों में कम गेहूं दी जाएगी इसकी मुख्य वजह गेहूं की कमी होना है.

राज्य सरकारों का कहना है कि कार्डधारकों को गेहूं की जगह फिलहाल चावल का वितरण किया जाएगा.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना के तहत गेहूं की जगह पर चावल का वितरण किया जाएगा.

राशन कार्डधारकों को उत्तर प्रदेश, बिहार और केरल राज्यों के राशन कार्डधारकों को गेहूं का वितरण नहीं किया जाएगा.

इसके अलावा  गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कार्डधारकों को पहले की तुलना में कम गेहूं मिलेगा.

कितना चावल का होगा वितरण

जैसे कि आपको बताया कि कुछ राज्यों में गेहूं का वितरण कम कर दिया गया है तथा कुछ राज्यों में तो बिल्कुल ही गेहूं का वितरण बंद कर दी गई है.

आपको बता दें इन सभी राज्यों के कार्डधारकों को गेहूं की जगह पर ज्यादा चावल का वितरण किया जाएगा.

इसके अलावा अन्य राज्यों में किसी भी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है.

देश में गेहूं की कमी होने की वजह से यह निर्णय लिया गया है. इस फैसले के बाद लगभग 55 लाख मीट्रिक टन ज्यादा चावल का वितरण किया जाएगा.

अपात्र लोगों पर सरकार कसेंगी शिकंजा

आपको बता दूं कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की तरफ से राशन कार्ड धारकों को सभी योजनाओं का लाभ लेने के पात्र सरकार मानती है.  

आपको बता दें कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद भी राशन कार्ड बना रखा है और उसका लाभ ले रहे हैं.

ऐसे में केंद्रीय सरकार ने वैसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ बैठक शुरू कर दी है. अब सिर्फ जो लोग पात्र होंगे उन्हीं लोगों को राशन का लाभ मिलेगा.

केंद्र सरकार गरीबी रेखा के मानकों में बदलाव करने जा रही है ऐसे में या स्पष्ट होता है कि जितने भी अपात्र लोग हैं उनका राशन कार्ड की सूची से नाम को हटा दिया जाएगा.

जल्द ही सरकार जितने भी फर्जी तरीके से राशन का लाभ ले रहे हैं उन पर रोक लगा दी जाएगी. सरकार का दावा है कि भारतीय राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ लगभग 80 करोड से ज्यादा लोग उठा रहे हैं.

सरकार ने सख्त निर्देश जारी किया है कि जितने भी लोग अपात्र है वे लोग अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें क्योंकि अगर पकड़े गए तो उन से दुगनी रकम वसूली जाएगी साथ और साथ उन्हें इसके लिए सजा भी होगी.

इसलिए जो लोग फर्जी तरीके से राशन का फायदा उठा रहे हैं जल्द से जल्द अपना राशन कार्ड से नाम कटवा ले ताकि आगे उन्हें परेशानियों का सामना ना करना पड़े.

सरकार ने साफ-साफ कड़ी शब्दों में कह दिया है कि अगर पकड़े गए तो वैसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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