FD Rules: एफडी धारक फटाफट जान ले RBI के नए नियम , वरना होगा बहुत बड़ा नुकसान

FD Rules Changed: आपने कभी ना कभी तो यह अवश्य ही सुना होगा कि किसी व्यक्ति को लोन इतने पर्सेंट की ब्याज दर पर प्राप्त हुए। अर्थात जितना भी धन उस व्यक्ति ने कर्ज के रूप में लिया है उसके हिसाब से जितना भी ब्याज दर बने फिर वह चाहे 4% का हो या फिर 8% का यह ब्याज दर सुनिश्चित नहीं होते हैं, को उस व्यक्ति को भुगतान करना होगा। किंतु यह कैसा होगा कि आपके ही पैसे हो और आप ही को उसका ब्याज मिले। सुनके संभवतः असंभव सा प्रतीत होता होगा किंतु या पूर्णता संभव है। आपको जानकर यह शायद आश्चर्य हो सकता है की ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने यह कार्य किया है। 

सरल शब्दों में कहा जाए तो बैंक में एफडी करवाने से यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है। अर्थात यदि आप अपने बैंक ब्रांच में जाकर एक निश्चित धनराशि को एफडी करवा दे तो आपको उसके ऊपर कुछ समय के पश्चात उस जमा धनराशि के ऊपर कुछ ब्याज दर अधिक जोड़ के पैसे मिल जाएगा। आपको बता दें कि ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने अपने जीवन की जमा पूंजी को बैंकों में एफडी करवा कर रखा है। यदि आप भी इन्हीं लोगों में से एक है तो आपके लिए यह आर्टिकल आज बहुत ही ज्यादा आवश्यक होने वाला है। क्योंकि इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको नए एफडी रूल्स के विषय में विस्तार पूर्वक बताएंगे। हम आशा करते हैं कि हमारे आर्टिकल आपको बेहद ही पसंद आएगा।  

स्वयं को बचा ले बड़े नुकसान से

यदि आप भी उन लोगों में शामिल है जिन्होंने अपने जीवन की जमा पूंजी को बैंकों में एफडी करवा कर रखा हुआ है तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आपको बता दें कि  आरबीआई अर्थात  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा एफडी को लेकर बहुत से नए नियमों को लागू किया गया है। जिसके विषय में जानना प्रत्येक एफबी धारक के लिए अति आवश्यक है। यदि कोई एसडी धारक इन जानकारियों से वंचित रह जाता है तो उसे संभवतः हनी उठाने की नौबत आ सकती है। 

जाने कौन से नियम आरबीआई के द्वारा लाए गए

आपको बता दें कि आरबीआई के द्वारा कुछ समय पूर्व ही एफडी से जुड़े नियमों में परिवर्तन किए गए हैं। आपको इस बात से भी अवगत करा दे कि यह नए नियम बहुत ही ज्यादा प्रभावित हो चुके हैं। आरबीआई के द्वारा रेपो रेट में वृद्धि करने के फैसले को लिए जाने के पश्चात कई सारे सरकारी तथा गैर सरकारी बैंकों ने भी एफडी पर ब्याज दरों को बढ़ा दिया है। इसलिए एफडी करने से पूर्व इन सभी खबरों को जरूर ध्यान पूर्वक जान लें जिससे कि आप अपना नुकसान करवाने से बच सके। 

एफडी के मैच्योरिटी होने पर बदल दिए गए नियम

  • अभी हाल फिलहाल में ही आरबीआई ने इंटरेस्ट रेट के नियमों में एक बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है। जिसके विषय में जानना प्रत्येक एफडी धारकों का अधिकार है। 
  • आपको बता दें कि एफडी मैच्योरिटी होने के पश्चात आपको धनराशि को क्लेम करने के लिए जाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। 
  • इससे पूर्व एफडी के मैच्योरिटी होने के पश्चात यदि अपनी धारक बैंक नहीं जाता था तो उसके एफडी को बैंक कर्मियों के द्वारा ही रिन्यू कर दिया जाता था किंतु अब यह नहीं होगा। 
  • यदि एफडी के मैच्योरिटी होने पर एसडी होल्डर बैंक जाकर क्लेम नहीं करता है तो उसके इंटरेस्ट रेट को हटा दिया जाएगा। आपको इस बात से भी अवगत करा दे कि उसके इंटरेस्ट रेट्स को एफडी इंटरेस्ट रेट से घटाकर सेविंग्स अकाउंट इंटरेस्ट रेट के हिसाब से जोड़ा जाए। 
  • इस प्रकार से सभी एफडी धारकों का नुकसान हो सकता है इस वजह से आपको अब अपने एफडी का लेखा-जोखा रखना अनिवार्य हो गया है कि आप यह कौन सी एफडी कब मैच्योरिटी रही है और आपको तब बैंक जाने की आवश्यकता होगी ही होगी। 
  • आपको बता दें कि यदि आप 5 साल से 10 साल की लंबी अवधि वाले एफडी रखते हैं तो इस पर आपको 5% से ज्यादा ब्याज मिलेंगे। इसके अलावा सेविंग अकाउंट के ऊपर 3% से 4 % के बीच में ब्याज दर उपलब्ध है। 

आरबीआई ने जारी किया यह आदेश

FD Rules Changed: आरबीआई के तरफ से इस बात की पूर्णता पुष्टि कर दी गई है कि यदि एफडी डिपॉजिट मैच्योरिटी होने के पश्चात धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है और यदि इस पर दावा नहीं किया जाता है तो इस एफडी के ऊपर सेविंग अकाउंट के हिसाब से ब्याज दर लगाए जाएंगे। और सेविंग अकाउंट के ब्याज दर के अनुसार मैच्योरिटी एफडी पर निर्धारित ब्याज दरों को तय किया जाएगा जो कि बहुत ही ज्यादा कम कर दिया जाएगा। आपको इस बात से परिचित करा दें कि यह नियम सभी कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंक, सहकारी बैंक, स्थानीय क्षेत्रीय बैंकों ने जमा की गई एफडी पर लागू किया जाएगा। 

एक उदाहरण के सभी समझे पूरी तरह से

  • मान लीजिए कि 5 वर्ष की मैच्योरिटी वाली एफडी है। जो कि आज पूर्णता मैच्योरिटी हो चुका है और आप इस धनराशि को नहीं निकालते हैं तो इस पर दो परिस्थितियां लागू हो सकती है। 
  • पहला तो यदि एफडी पर मिल रहा ब्याज उस बैंक के सेविंग अकाउंट पर मिल रहे ब्याज दर की तुलना में कम है तो आपको एफडी वाला ब्याज मिलेगा। 
  • किंतु यदि एफबी पर मिल रहें ब्याज सेविंग अकाउंट पर मिलने ब्याज की तुलना में अधिक है तो आप एफडी के  ब्याज के साथ ही मैच्योरिटी एफडी  प्राप्त होगी।   
  • सरल शब्दों में कहा जाए तो यह निश्चित नहीं है कि ब्याज सेविंग अकाउंट के अनुसार लगेगा या एफडी के अनुसार लगेगा। 
  • जिस किसी का भी ब्याज दर कम होगा उसी के अनुसार आपको ब्याज प्राप्त होगा यदि सेविंग कम रहेगा तो आपको सेविंग का ब्याज दर लगाकर एफडी प्रदान की जाएगी यदि एफडी का ब्याज एफडी के ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा।
fd rules changed

कुछ महत्वपूर्ण पोस्ट पढ़ें:-

निष्कर्ष:-

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको FD Rules एसपी धारक फटाफट जान ले RBI के नए नियम , पढ़ना होगा बहुत बड़ा नुकसान के विषय में विस्तार पूर्वक बताया है। हम आशा करते हैं कि हमारे आर्टिकल आपको बहुत ही पसंद आया होगा, धन्यवाद। 

Important Links

Official WebsiteClick Here
CGWAS HomeClick Here
Join TelegramClick Here

Leave a Comment