Tree Farming Business: इस पेड़ की खेती कर देगी मालामाल, करोड़ों में पहुंच जाएगा मुनाफा,यहां देखे सभी जानकारी 

Tree Farm Business Plan: दोस्तों आज के इस आर्टिकल में मैं आपके लिए लाया हूं कि खेती तो सब करते हैं जिससे हमें अनाज के रूप में खाना प्रदान होती है किंतु मैं ऐसी खेती के बारे में आपको बताने जा रहा हूं, जिससे आप पैसे कमा सकते हैं। और इस खेती का यह खासियत है कि यह खेती पेड़ की खेती है।

अतः पेड़ लगाने हेतु जिससे हमारे पर्यावरण में भी काफी सुधार आ सकेगी और पर्यावरण से दूषित प्रदूषण भी नष्ट होगी। दोस्तों वह खेती है सफेदा की खेती।

कहा जाता है कि सफेदा की खेती में सफेदा की लकड़ियों का अधिकतर इस्तेमाल हमारे दैनिक जीवन में काम आने वाले वस्तु फर्नीचर ईंधन तथा कागजात में कागज की लुगदी जैसे चीजों पर में बनाने के काम आता है। किंतु सरकार द्वारा यह घोषणा की है कि सफेदा की खेती के लिए सरकार किसी भी प्रकार की प्रोत्साहित नहीं करेगी। क्योंकि सरकार का कहना है कि सफेदा की खेती करने का जो निर्णय है वह किसानों के ऊपर ही छोड़ दिया जाएगा।

कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण तत्व

Tree Farm Business Plan: इस खेती का सबसे ज्यादा अधिक खास बात यह है कि सफेदा की खेती करने के लिए किसी भी प्रकार का विशेष जलवायु की आवश्यकता नहीं पड़ती है अर्थात कहा जाए तो यह किसी भी मौसम में उगने अथवा उपजाने में समर्थ होता है।तथा इस बात से भी आपको अवगत करा दूं कि सफेदा की खेती करने से इसकी लकड़ियां पर भी पानी का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है जिसकी वजह से यह लकड़ी बहुत जल्दी खराब नहीं होती है इसलिए यह लकड़ियां लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।

आखिर कितनी जमीन में लगाए सफेदा के पौधे जिससे अच्छी खेती करके अच्छे पैसे कमा सकते हैं

Tree Farm Business Plan: दोस्तों जैसा कि मैंने आपको सफेदा की खेती के बारे में कुछ जानकारियां ऊपर प्रदान की है किंतु मैं आपको बता देना चाहता हूं कि सफेदा की खेती के लिए जमीन की आवश्यकता अपने हिसाब से आप कर सकते हैं किंतु यदि आप एक हेक्टेयर में सफेदा की खेती करना चाहते हैं तो उसमें लगभग 3000 से अधिक पौधे उगाए जा सकते हैं अर्थात 1 हेक्टेयर के पूरे एरिया में सफेदा की खेती के पेड़ यूकेलिप्टस के पौधे 3000 से अधिक लगाए जा सकते हैं।

आपको बता यह बता दुं कि पौधे आपके नजदीकी क्षेत्र के किसी भी नर्सरी में बहुत ही आसानी पूर्वक 7 से ₹8 में ही उपलब्ध हो जाते हैं। तथा इसकी देखरेख एवं सिंचाई बुनाई जैसे कार्यों में कुल मिलाकर लगभग 30 से ₹40000 तक का वार्षिक खर्च आता है। किंतु दोस्तों इसका मुनाफा भी इससे कई गुना अधिक प्राप्त होता है

मुनाफे की बात की जाए तो बता दें कि सफेदा की खेती में एक पेड़ से माना जाता है कि 400 केजी जैसे लकड़ियां निकलती है। जिसमें इसका डिमांड बाजारों में बहुत अधिक मात्रा में होती है। बाजारों में सफेदा की खेती के लकड़ियों को लगभग 6 से ₹9 प्रति किलो के वजह से बेचा जाता है। यदि ऐसे में अगर आप एक हेक्टेयर में 3000 पौधे लगाते हैं तो आसानी पूर्व से आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि आपको करोड़ों रुपए कमाने से कोई नहीं रोक सकता है। ऐसे में हमारे देश के किसानों को सिर्फ पांच से 8 वर्षों के अंतराल में लगभग करोड़ों रुपए की कमाई आसानी पूर्वक इस प्रक्रिया द्वारा हो सकेगी।

इस प्रकार से आप कर सकते हैं इसकी खेती

Tree Farm Business Plan: चुँकी दोस्तों जैसा कि आप जानते होंगे कि किसी भी फसल को उगाने के लिए कटाई  बुवाई  सिंचाई जैसे अन्य कार्य किए जाते हैं। ठीक उसी प्रकार सफेदी की खेती में भी ऐसी प्रक्रिया की जाती है सर्वप्रथम यूकेलिप्टस की खेती करने के लिए अर्थात अच्छी फसल उपजाने के लिए जितने भी खेत की जमीन है उसको काफी गहराई के अंदर तक अच्छे से उसकी जुताई की प्रक्रिया की जाती है। तत्पश्चात जुताई के प्रक्रिया के दौरान इसकी मिट्टी को अच्छी तरह से पलटकर जमीन को एक समतल रूप में कर दिया जाता है। तत्पश्चात जो समतल किया हुआ जमीन है उस पर यूकेलिप्टस के पौधे को बोया जाता है।

जिस प्रकार से बुवाई की प्रक्रिया होने लगती आपको बता दूं कि बोने के लिए उसमें गड्ढों को तैयार किया जाता है, तथा इन गड्ढों के अंदर अच्छी फसल होने के लिए गोबर की खाद का उपयोग किया जाता है। तथा इस प्रक्रिया के दौरान हुआ मिट्टी और भी अधिक उपजाऊ हो जाती है तत्पश्चात जब खाद को डालने की प्रक्रिया समाप्त हो जाती है तो गड्ढों के अंदर सिंचाई कर दी जाती है एवं जब पौधे को बोया जाता है तो इससे 20 दिन पहले ही इन गड्ढों को अवश्य रुप से अच्छे से तैयार कर लिया जाता है। तत्पश्चात इन सभी पौधों को लगभग 5 फीट से अधिक की दूरी पर एक दूसरे से अलग बोया जाता है अतः इस प्रकार से आप सफेदा की खेती को अच्छे  उत्पादन कर सकते हैं।

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किस मौसम में इस खेती को करने में अधिक लाभ होता है।

Tree Farm Business Plan: चुँकी सफेदा की खेती के लिए मैंने आपको पहले ही बताया है कि इसके लिए कोई अनुकूल मौसम की आवश्यकता नहीं होती है। किंतु फिर भी अगर मुख्य रूप से देखा जाए तो यूकेलिप्टस के पौधे का उत्पादन करने के लिए इसे बारिश का मौसम जून जुलाई महीने  बहुत ही अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। तथा यह बहुत ही उपयुक्त मौसम भी होता है फसल उगाने के लिए। क्योंकि इस मौसम के दौरान फसल को उगाने के लिए इन सभी पौधों को आरंभिक सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ती है। किंतु अगर यही फसल को बारिश से पहले लगाई जाती है तो रोपाई करने के पश्चात ही इसमें सिंचाई करना पड़ता है।

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निष्कर्ष-

दोस्तों जैसा कि मैंने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताया है कि सफेदा की खेती करके आप कुछ ही सालों में किस प्रकार से करोड़पति बन सकते हैं तथा इस खेती को करने के लिए कौन से मौसम अनुकूल होते हैं एवं किस प्रकार से इसकी खेती की जाती है जैसे तमाम विषयों पर आपको पूर्ण जानकारी दी है।आशा है कि आपको इस टॉपिक से संबंधित आर्टिकल बेहद पसंद आई होगी। तो दोस्तों इससे संबंधित किसी भी तरह का आपके मन में सवाल हो तो कृपया कमेंट बॉक्स के जरिए अवश्य पूछे हम उसका प्रत्युत्तर देने में जल्द ही समर्थ होंगे।

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