5 होनहार क्रिकेटर जिनका करियर बहुत जल्द खत्म हो गया

सचिन तेंदुलकर, रिकी पोंटिंग जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी जिनका क्रिकेट करियर काफी लंबा रहा है। वहीं कुछ खिलाड़ियों के करियर ऐसे भी रहे है जिनका करियर बहुत जल्द खत्म हो गया।

कुछ होनहार क्रिकेटरों का करियर चोट, दुखद घटना या गलत फैसलों के कारण पूरा नहीं हो सका। तो आज हम आपको उन पांच होनहार क्रिकेटरों के बारे में बताने जा रहे है जिनका करियर बहुत जल्द समाप्त हो गया।

25 साल की उम्र में घेरलू मैच में एक बाउंसर की चपेट में आने के बाद फिलिप का निधन खेल के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है। इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि बाएं हाथ का यह सलामी बल्लेबाज अपने करियर के उस समय धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंच रहा था।

1) फिलिप ह्यूज

बाएं हाथ के बल्लेबाज के इंटरनेशनल करियर की बात की जाए तो उन्होंने 26 मैच खेले है और 32.66 की औसत के साथ 1535 रन बनाये है। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 7 अर्धशतक देखने को मिले है। ह्यूज के वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 25 मैच खेले है और 35.91 की औसत के साथ 826 रन बनाये है। वनडे में उनके नाम 2 शतक और 4 अर्धशतक दर्ज है।

जब उन्हें 26 साल की उम्र में भारतीय टीम के कप्तान के रूप में नियुक्त किया गया था, नारी कॉन्ट्रैक्टर इस पद को संभालने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। वह तब की बात है जब वह अपने करियर के पीक पर थे। 81 रनों की बेहतरीन पारी के लिए मशहूर जो उन्होंने एक टूटी हुई पसली के साथ बनाई थी। कॉन्ट्रैक्टर ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है।

2) नारी कांट्रेक्टर

हालाँकि, 1962 में, चार्ली ग्रिफ़िथ की एक गेंद से उनकी खोपड़ी पर चोट लग गई, जिससे वह खतरे में पड़ गए। कई ऑपरेशनों के बाद, उन्हें ठीक किया गया था। हालांकि उन्होंने दो साल बाद एफसी में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन वो फेल हो गए। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत को 31 टेस्ट मैचों में रिप्रेजेंट करते हुए 31.58 की औसत के साथ 1611 रन अपने खाते में जोड़ने में कामयाब रहे है। टेस्ट में उनके नाम एक शतक और 11 अर्धशतक दर्ज है।

जेम्स टेलर के वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 27 मैच खेले है और 42.24 के औसत की मदद से 887 रन बनाये है। इस दौरान वो एक शतक और 7 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे है। वहीं उन्होंने 7 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड को रिप्रेजेंट करते हुए 312 रन बनाये है। इस दौरान वो 2 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे है।

एक शातिर तेज गेंदबाज जिसने बेहतरीन बल्लेबाजों को परेशान किया, आसिफ की प्रतिभा पर कभी संदेह नहीं हुआ। फिर भी हर किसी की नीयत सही हो ऐसा नही होता। 2010 में, फिक्सर आसिफ ने जानबूझकर इंग्लैंड के खिलाफ एक नो-बॉल फेंकी, जिससे स्पॉट फिक्सिंग कांड में उनका नाम आ गया। उन पर सात साल का प्रतिबंध लगा था और आसिफ कभी खेल में नहीं लौटे।

4) मोहम्मद आसिफ

इसलिए, वह उन कुख्यात होनहार क्रिकेटरों में से एक हैं जिनका करियर बहुत जल्द समाप्त हो गया। आसिफ इंटरनेशनल करियर लो बात करें तो उन्होंने तीनों प्रारूपों में कुल मिलाकर 72 मैच खेले है और 165 लिए है।

क्रेग कीस्वेटर का वास्तव में एक अच्छा करियर था, इससे पहले एक चोट ने उन्हें सिर्फ 27 साल की उम्र में संन्यास लेने के लिए मजबूर कर दिया था। 2010 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच,रहे। उस साल वो वर्ल्ड कप इंग्लैंड ने अपने नाम किया था। कीस्वेटर 2015 में आखिरी बार इंग्लैंड के लिए खेलते हुए दिखाई दिए थे। अपनी बड़ी हिटिंग के लिए जाने जाने वाले, कीस्वेटर लगभग दो सालों तक इंग्लैंड की पहली पसंद के विकेटकीपर थे।

5) क्रेग कीस्वेटर

दक्षिण अफ्रीका में जन्मे कीस्वेटर जब समरसेट के लिए बल्लेबाजी कर रहे थे, एक गेंद उनके हेलमेट में घुस गई और बाद में उनकी आंख में लग गई। इससे उनकी आंख की रोशनी खराब हो गई जिसके कारण उन्होंने 2017 में संन्यास ले लिया। इसके बाद वह फिर एक पेशेवर गोल्फर बन गए।