ज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यता

ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों में से सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है,साथ ही सौरमंडल में भी यह सबसे तेजवान ग्रह होता है,जिस प्रकार सूर्य अपने प्रकाश से पूरी सृष्टि को रोशन करता है.

उसी प्रकार कुंडली में सूर्य ग्रह को आत्मविश्वास, साहस, तेज, स्वास्थ्य, सत्ता-सुख, मान-सम्मान और यश आदि का कारक माना गया है,कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है.

वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में सूर्य ग्रह की दुर्बल स्थिति के कारण व्यक्ति को नौकरी अथवा व्यापार के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है.

ऐसे में सूर्य ग्रह को मजबूत बनाए रखने के लिए सूर्य यंत्र की पूजा बहुत फलदायी मानी गई है,माना जाता है कि इस एक यंत्र को घर में स्थापित करने से आपका भाग्य चमक उठता है.

तो आइए जानते हैं सूर्य यंत्र से होने वाले लाभ और सूर्य यंत्र को किस तरह करें स्थापित.

रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है,इसलिए यंत्र की स्थापना के लिए रविवार का दिन शुभ माना जाता है.

यंत्र की स्थापना के लिए रविवार के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर साफ सफेद रंग के वस्त्र धारण करें और फिर अपने घर की मंदिर की सफाई करें,इसके बाद वहां सफेद रंग के आसन पर पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बैठ जाएं.

तत्पश्चात गंगाजल और गाय के कच्चे दूध के मिश्रण से सूर्य यंत्र को पवित्र करें,अब एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर सूर्य यंत्र की स्थापना करें,सूर्य यंत्र पर चंदन, लाल फूल और केसर चढ़ाएं.

उसके बाद 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र की 7 माला द्वारा जाप करें,अब इस यंत्र को अपने घर के पूजा स्थल पर ही स्थापित रहने दें,रोजाना नियम पूर्वक व श्रद्धा से इसकी पूजा करें। साथ ही मंत्र जाप भी करें.