SBI ग्राहकों को बड़ा झटका, SBI के ‘इस’ निर्णय से पैरों तले जमीन खिसकेगी, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

जाने सारी डिटेल अगले स्लिड्स  से

देश मे लगातार वित्तीय संस्थाओ के नियमों में परिवर्तन होता है। RBI और अन्य बैंक्स समय-समय पर कुछ नियम बदलते है।

हालांकि कई बार इससे ग्राहकों को फायदा होता हैं और कई बार उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। इसी बीच खबर ही कि एक बड़ी सार्वजनिक बैंक ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है।

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैं तो यह खबर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाली है। SBI ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है।

MCLR बढ़ने से होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन महंगे हो जाएंगे। इसका सीधा असर आपकी EMI पर पड़ेगा। SBI की वेबसाइट के मुताबिक ओवरनाइट से तीन महीने तक के ग्राहकों के लिए मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट 6.65% के बजाय 6.75% होगी।

कर्ज का हप्ता बढ़ेगा

साथ ही 6 महीने के लिए MCLR 6.95 फीसदी के बजाय 7.05 फीसदी होगा. वहीं, एक साल के लिए MCLR 7.10 फीसदी, दो साल के लिए 7.30 फीसदी और तीन साल के लिए 7.40 फीसदी है ।

ये हैं नए रेट

MCLR प्रणाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 2016 में पेश की गई थी। यह किसी भी वित्तीय संस्थान का आंतरिक बेंचमार्क होता है। MCLR प्रक्रिया में लोन के लिए न्यूनतम ब्याज दर तय होती है।

MCLR क्या है?