E Shram Card 2nd Installment Date: सेकंड किस्त का पैसा ऐसे देखें लिस्ट

सरकार ने ई श्रम पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया की और करोड़ों मजदूरों को इसमें जोड़ा गया और इसके डेटाबेस में शामिल करने के बाद में पहली किस्त रिलीज कर चुकी है.

वैसे तो यह योजना पूरे भारत में लागू किया गया है लेकिन उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा यह घोषणा की गई थी कि 4 महीने के लिए ₹500 प्रति माह श्रमिकों एवं मजदूरों को दिया जाएगा जो कि 2 किस्तों में बांटा जाएगा. 

पहली किस्त के रूप में दिसंबर और जनवरी महीने की राशि ₹1000 और इसे जनवरी के महीने में बांटा भी जा चुका है. श्रमिकों और मजदूरों के खातों में डायरेक्ट सरकार ने पैसे भेज दिए हैं.

ई श्रम कार्ड डीटेल्स  भारत सरकार द्वारा देशभर के असंगठित मजदूरों एवं श्रमिकों के लिए श्रम कार्ड बनाने की योजना शुरू की गई जिसके माध्यम से वैसे मजदूरों और श्रमिकों को श्रम कार्ड योजना का लाभ दिया जाएगा जो असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं और जिन्हें तरह प्रतिदिन कार्य नहीं मिल पाता है.

श्रम कार्ड का लाभ किसे मिलेगा?  किसी के घर में नौकर वाला काम करने वाले कंस्ट्रक्शन मजदूर सब्जी का ठेला लगाने वाले आया छोटे और सीमांत किसान मछुआरे पशुपालन में लगे लोग बीड़ी रोलिंग लेवलिंग और पैकिंग बुनकरों कारपेंटर बढ़ाई मिल मजदूर

श्रम कार्ड के लिए कौन से लोग अप्लाई नहीं कर सकते?  किसान मानधन योजना का लाभ उठाने वाले किसान इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं. किसी भी प्रकार की पेंशन योजना उठाने वाले लोग भी श्रम कार्ड का लाभ नहीं उठा सकते. जिन लोगों का पीएफ अकाउंट है वह भी इसका लाभ नहीं ले सकेंगे. ESI का प्रयोग करने वाले लोग भी श्रम कार्ड का लाभ नहीं ले सकेंगे. सरकारी नौकरी करने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे. 

श्रम कार्ड बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज?  आधार कार्ड आवासीय प्रमाण पत्र सर्टिफिकेट मोबाइल नंबर से लिंक किया हुआ खाता व्यवसाय की जानकारी मोबाइल नंबर इत्यादि 

ई श्रम कार्ड कि दूसरी किस्त इस तारीख को आएगी? ई श्रम कार्ड के दूसरी किस्त रिलीज होने की तारीख तो अभी पूरी तरह से आधिकारिक तौर पर अनाउंस नहीं की गई है लेकिन अंदाजा नहीं लगाया जा रहा है कि 10 मार्च तक ई श्रम कार्ड की दूसरी किस्त खातों में भेजने शुरू कर दी जाएगी। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि फरवरी से मार्च के बीच में कभी भी दूसरी किस्त सरकार द्वारा श्रमिकों और मजदूरों को सरकार भेजना शुरू कर सकती है.