फिर विवादों में फंसे कैप्टन कूल, धोनी के खिलाफ बेगूसराय में FIR दर्ज, जानें क्या है मामला

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी फिर एक बार सुर्खियों में हैं, इस बार धोनी के खिलाफ बिहार के बेगूसराय में केस दर्ज हुआ है, यह मामला पैसों की धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है.

बता दें कि इस केस में धोनी के अलावा 7 अन्य लोगों को अभियुक्त बनाया गया है, यह केस एक खाद विक्रेता ने दर्ज कराया है, आरोप है कि 30 लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया इसलिए केस कराना पड़ा.

क्या है आरोप?

दरअसल यह दो कंपनियों के बीच का विवाद है, एसके इंटरप्राइजेज बेगूसराय नामक एजेंसी के साथ एक खाद कंपनी ने अपने उत्पाद की बिक्री के लिए करार किया था.

कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप

कंपनी की तरफ से एजेंसी को खाद तो भेज दिया लेकिन वहां से मार्केटिंग में सहयोग नहीं किया गया, इसके बाद एजेंसी के मालिक नीरज कुमार निराला ने कंपनी पर असहयोग का इल्जाम लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से उन्हें नुकसान हुआ है.

कंपनी की तरफ से एजेंसी को खाद तो भेज दिया लेकिन वहां से मार्केटिंग में सहयोग नहीं किया गया, इसके बाद एजेंसी के मालिक नीरज कुमार निराला ने कंपनी पर असहयोग का इल्जाम लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से उन्हें नुकसान हुआ है.

एजेंसी ने प्रोडक्ट के लिए कंपनी को 36.81 लाख का भुगतान किया, केस में दावा किया गया है कि इस वजह से एजेंसी में माल फंस गया.

बाउंस हो गया 30 लाख का चेक

बाद में शिकायत करने पर कंपनी ने एजेंसी में फंसा खाद वापस ले लिया और बदले में 30 लाख का चेक दिया, मालिक ने जब चेक बैंक भेजा तो बाउंस हो गया, इसकी सूचना बार-बार देने के बाद भी कंपनी के अधिकारी या रिप्रजेंटेटिव ने ध्यान नहीं दिया.

एजेंसी मालिक के अधिवक्ता ने कंपनी को चेक बाउंस हो जाने का लीगल नोटिस भी भेजा पर, दुकानदार को राहत नहीं मिली. थक हारकर नीरज कुमार निराला कोर्ट की शरण में चले गए.

इस 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा

इस केस में नीरज कुमार निराला की ओर से पूर्व क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के साथ-साथ कंपनी के सीईओ राजेश आर्य, स्टेट हेड अजय कुमार, मार्केटिंग हेड अर्पित दूबे, एमडी इमरान जफर, मार्केटिंग मैनेजर वंदना आनंद और निदेशक महेन्द्र सिंह समेत 7 को अभियुक्त बनाया गया है.