यहां से एम एस धोनी के रांची स्थित फार्म पहुंचा कड़कनाथ मुर्गा, जानिए खासियत

देश में एक तरफ जहां जब लोग कोरोना काल में आम देसी मुर्गा तक खाना छोड़ रहे थे. तो वहीं दूसरी तरफ, कड़कनाथ मुर्गा की मांग में लगातार इजाफा होता दिख रहा था. जी हां...कड़कनाथ मुर्गा एक बार फिर चर्चा में है.

दरअसल मध्यप्रदेश की एक सहकारी फर्म ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के आर्डर पर प्रोटीन से भरे ‘कड़कनाथ' नस्ल के 2000 मुर्गे झारखंड के रांची स्थित उनके फार्म पर भेजे हैं.

मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के काले कड़कनाथ मुर्गे को छत्तीसगढ से कानूनी लड़ाई के बाद 2018 में जीआई टैग मिला है. यह मुर्गा, इसके अंडे और मांस दूसरी नस्ल से महंगे दाम में बेचा जाता है.

झाबुआ के कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि धोनी ने एक स्थानीय सहकारी फर्म को 2000 कड़कनाथ मुर्गो का आर्डर दिया था जो एक वाहन से रांची भेज दिये गये हैं.

धोनी ने दिया था आर्डर

उन्होंने कहा कि यह अच्छा कदम है कि धोनी जैसे सितारे ने कड़कनाथ मुर्गे की नस्ल में रूचि जताई है. कोई भी आनलाइन आर्डर कर सकता है जिससे इस नस्ल के मुर्गे पालने वाले आदिवासियों को फायदा होगा.

झाबुआ के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख आई एस तोमर ने कहा कि धोनी ने कुछ समय पहले यह आर्डर दिया था लेकिन बर्ड फ्लू फैला होने के कारण भेजा नहीं जा सका.

धोनी ने विनोद मेदा को आर्डर दिया

धोनी ने विनोद मेदा को आर्डर दिया जो झाबुआ के रूंडीपाड़ा गांव में कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे के पालन से जुड़ी सहकारी संस्था चलाते हैं. मेदा ने कहा कि झाबुआ की आदिवासी संस्कृति के परिचायक तीर कमान भी धोनी को भेजे जायेंगे.

इसमें पाए जानें वाले पोषक तत्व : इस मुर्गे में विटामिन बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, कैल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.

- इसका खून, हड्डियां और सम्पूर्ण शरीर काला होता है. - यह दुनिया में केवल मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर में पाया जाता है.

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