मोटरसाइकिल चलाते समय साथ रखें ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स, नहीं तो भरना पड़ेगा हजारों का चालान

बाइक से यात्रा करने का यह मतलब नहीं होता कि बस बाइक उठाए और यात्रा के लिए निकले पड़ें, यात्रा के दौरान कुछ ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपने साथ रखना पड़ता है।

आज इस लेख के माध्यम से उन्हीं डॉक्यूमेंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे बाइक चलाते समय अपने पास रखना अत्यंत जरूरी। ऐसा न करने वाले लोगों को यातायात नियम के तहत भारी चालान भरना पड़ सकता है। आइये जानता हैं उन डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट के बारे में

टू व्हीलर रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट RC इस बात का सबूत होती है कि वाहन का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में पंजीकरण हुआ है। इसमें वाहन की श्रेणी, जिन सीमाओं में वाहन का प्रयोग किया जा सकता है.

टू व्हीलर रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट

ड्राइविंग लाइसेन्स (DL) से यह प्रमाणित होता है कि व्यक्ति को किस तरह के वाहनों - दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया, को चलाने की अनुमति है। ड्राइविंग टेस्ट पास करने के पश्चात ही ड्राइवर को डीएल दिया जाता है।

ड्राइविंग लाइसेन्स

क़ानून के मुताबिक़ किसी भी गाड़ी का वाहन बीमा वाहन चलाने वाले के लिए सबसे ज़रूरी काग़ज़ों में से एक होता है। यह दस्तावेज बीमाकर्ता का नाम, गाड़ी का रेजिस्ट्रेशन नम्बर, कवरेज प्रकार और बीमा की समयावधि जैसी जानकरियां रखता है।

वाहन बीमा

उत्सर्जन वातावरण में प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है, जिसकी जांच होना बेहद आवश्यक होता है। इस प्रमाण पत्र में बाइक के उत्सर्जन स्तर की जानकरियां होती है।

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र

यात्रा के दौरान दो पहिया वाहन का अनुकूल अवस्था में होना आवश्यक होता है। वाहन के फ़िट्नेस की जांच आरटीओ द्वारा की जाती है.

वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र

50 वर्ष की निश्चित आयु के बाद ड्राइवर को पूछे जाने पर मेडिकल सर्टिफ़िकेट दिखाना होगा। मेडिकल सर्टिफ़िकेट में एक प्रमाणित डॉक्टर जिसने व्यक्ति को दोपहिया चलाने के लिए फिट होने का आकलन किया हो उसका हस्ताक्षर होना आवश्यक होता है।

चालक का मेडिकल सर्टिफ़िकेट