सरसों कच्ची घानी तेल हुआ 60 रुपये तक सस्ता, सोयाबीन तेल के भी गिरे दाम, यहां देखें पूरे रेट

बीते सप्ताह विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों के दामों में गिरावट रही और यह 100-150 डॉलर नीचे आ गए। इसकी वजह से देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव नुकसान का रुख प्रदर्शित करते बंद हुए। गर्मी के कारण मांग कमजोर होने से भी गिरावट बढ़ गई।

बीते साल के मुकाबले सरसों तेल विदेशी तेलों से सस्ते हो गये हैं। पहले आयातित तेलों के भाव सरसों से कम होते थे, लेकिन इस साल आयातित तेलों के भाव काफी अधिक हैं। विदेशी खाद्य तेलों के भाव पिछले साल के मुकाबले 25-30 प्रतिशत महंगे हुए हैं।

सूत्रों ने बताया कि पिछले सप्ताहांत के मुकाबले बीते सप्ताह सरसों दाने का भाव 150 रुपये टूटकर 7,665-7,715 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

सरसों दादरी तेल 400 रुपये टूटकर समीक्षाधीन सप्ताहांत में 15,400 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमतें भी क्रमश: 60-60 रुपये हानि के साथ क्रमश: 2,420-2,500 रुपये और 2,460-2,570 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुईं।

सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच बीते सप्ताह सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के भाव क्रमश: 50-50 रुपये की नुकसान के साथ क्रमश: 7,050-7,150 रुपये और 6,750-6,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

इसी तरह समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन तेल कीमतों में भी गिरावट रही। सोयाबीन दिल्ली, इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 720 रुपये, 700 रुपये और 650 रुपये की नुकसान के साथ क्रमश: 17,050 रुपये, 16,500 रुपये और 15,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव भी 600 रुपये टूटकर 15,200 रुपये क्विंटल रह गया।

कच्चे पाम तेल का भाव भी 600 रुपये टूटा

पामोलीन दिल्ली का भाव भी 650 रुपये टूटकर 16,750 रुपये और पामोलीन कांडला का भाव 500 रुपये टूटकर 15,600 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।