उमरान मलिक कहीं शोएब अख्तर बनने की सनक में बर्बाद न हो जाए टैलेंट.

उमरान मलिक वह तेज गेंदबाज है। रफ्तार इतनी कि हर तरफ उसका ही भौकाल है। भारतीय मिट्टी में अजूबा की तरह है। हर कोई हैरान है।

रवि शास्त्री, इरफान पठान, डेल स्टेन ही नहीं, दुनियाभर के दिग्गज क्रिकेटर एक पेज पर हैं कि उन्हें टीम इंडिया में खिलाया जाना चाहिए.

वह तेज इतना है कि हो सकता है पहला इंटरनेशनल मैच खेलते ही भारत का सबसे तेज गेंदबाज होने का तमगा मिल जाए। लेकिन क्या वाकई में यह सही समय है उनके टीम इंडिया में एंट्री की.

शायद नहीं क्योंकि? इसका जवाब में भी वही दिग्गज दे रहे हैं, जो टीम में एंट्री दिलाना चाहते हैं। सभी एक बात से सहमत हैं कि उमरान टीम इंडिया की जान तभी बनेंगे जब वह तेज होने के साथ तीखे भी बन जाएंगे। उनकी तरकश में जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार जैस स्किल्स हो.

वह न केवल गेंद को तेज फेंकें, बल्कि इरफान पठान की तरह स्विंग कराएं, भुवी की तरह स्लोअर पर भी विकेट चटकाए और जसप्रीत बुमराह की तरह पावरप्ले और डेथ ओवरों में भी भरोसेमंद हो

इनमें से अगर किसी एक का भी गुण उमरान में आए तो इसमें कोई शक नही कि वह इंटरनेशनल लेवल पर आते ही छा जाएंगे.

न केवल भारत, बल्कि एशिया की लगभग हर टीमें एक खाटी पेसर के लिए तरसते हैं। पाकिस्तान के पास समय-समय पर बेहतरीन गेंदबाज हुए हैं,

लेकिन वसीम अकरम, वकार युनूस को छोड़ दिया जाए तो कोई बहुत लंबे समय तक इंटरनेशनल लेवल पर परफॉर्म नहीं कर पाया। शोएब अख्तर, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आमिर जैसे बढ़िया पेसर भी आए

लेकिन इनका क्रेज वसीम और वकार जैसा नहीं रहा। इस तरह भारत को लंबे समय से जहीर खान की तलाश रही है।