विमान का रंग सफेद ही क्यों होता है, जानिए वजह

सफेद रंग गर्मी का सबसे अच्छा परावर्तक है। आपने देखा होगा कि जब आप धूप में काले कपड़े पहनते हैं, खासकर गर्मी के दिनों में तो आपको बहुत गर्मी लगती है और उसी जगह सफेद कपड़े पहनने से आपको ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं होता है।

चाहे आप आसमान में हों या हवाई अड्डे (Airport) पर या फिर टीवी देख रहे हों। आपने जहां पर भी विमान (Plane) देखें होंगे तो आपने देखा होगा कि कुछ को छोड़कर लगभग सभी सफेद रंग (White color) के होते हैं। ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि विमान हमेशा सफेद ही क्यों होते हैं?

इसके पीछे के क्या कारण हो सकते हैं? तो आइए आज इस लेख के माध्यम से हम आपके इन सवालों के जवाब दे रहे हैं कि आखिर क्या वजह है विमान का रंग सफेद होता है।

सफेद रंग गर्मी का सबसे अच्छा परावर्तक है। आपने देखा होगा कि जब आप धूप में काले कपड़े पहनते हैं, खासकर गर्मी के दिनों में तो आपको बहुत गर्मी लगती है और उसी जगह सफेद कपड़े पहनने से आपको ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं होता है।

सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करने के लिए

इसीलिए विमान का तापमान सीमित रखने के लिए विमान को सफेद रंग से रंगा जाता है। क्योंकि अगर दूसरे रंग सें रंग दिए जाएं तो सूरज की रोशनी परावर्तित नहीं होगी। यह विमान के आंतरिक सिस्टम पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है।

सफेद रंग अन्य रंगों की तुलना में काफी सस्ता होता है। एक प्लेन को पेंट करने में आमतौर पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। यदि आप अन्य रंग से विमान को रंगना चाहते हैं तो लागत काफी बढ़ सकती है। कहा जाता है कि एयरलाइंस लागत कम करने के लिए सफेद रंग का इस्तेमाल करती हैं।

सफेद रंग में लागात आती है कम

सफेद पेंट की वजह से होने वाले दोषपूर्ण या तेल रिसाव को जल्दी देखा जा सकता है। यदि उसी स्थान पर कोई दूसरा रंग हो तो उस पर ध्यान जल्दी नहीं जाता है।

सिस्टम की विफलता को इंगित करने के लिए

विमान को हमेशा अलग-अलग परिस्थितियों से जूझना पड़ता है। विमान हमेशा ऐसी परिस्थितियों में रहता है जैसे कभी तेज हवाएं, कभी बारिश कभी बाहरी मौसम आदि। इस मामले में अन्य रंग जल्दी से फीके पड़ जाते हैं, लेकिन सफेद जल्दी नहीं फीके होते हैं।

सफेद रंग जल्दी नहीं मिटता